teri-mahanta

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इस  दर्द को  कैसे बयां  करें

इस  पल  को  हम  कैसे  जुदा  करें |

ये  शाम , जाम  और  अलंकार , ये  साज , राग  की  है  पुकार

तेरे  अफसानों  में मिला  करें , और  दुआओ  में  हम  जिया  करें ||

 

जब  आये  इन  गलियारों  में , नए  रंगों में  नई  राहों पे |

ख़ुदग़र्ज़ियों से  लिपटे  थे  और  रैगिंग  से  कुछ  सहमे  थे ||

 

पहली  तिमाही   के  मिलनसार  में  आँखे  बादल  बन  जाती  थी |

है   दिल में  कौन,  सांसो  में  कौन , सब  राज़  बाहर  आ  जाते  थे ||

 

अपनों  जैसा  यहाँ  प्यार  मिला,  मंज़िल  को  नया  आकार  मिला |

आपके  साये  में  रह  कर  मेरे  सपनो  का  विस्तार  हुआ ||

एक  दर्द  मिला  नई  उमंग  मिली सब  खुशिओं   का  साथ  मिला |

रग -रग  में  एक  तरंग  उठी  और  मानवता  का  आभास  हुआ  ||

 

कुछ  दर्द  भरी  कुछ  प्यार  भरी  ये  यादें    भांति  है |

कभी  मुस्कान  दे जाती  है  कभी अश्रु  की  धारा लाती  है ||

 

कलम  रुक  गयी  चलते -चलते ,  बीते   लम्हों  के ख्यालो  में |

उत्साह  मिला  कदम  निकल  पड़े  ढूंढने आपको  आशियाने  में ||

 

अब  आने  वाले  दिनों  में,  बस  रब  से  दुआ   हमारी  है

हर  राह  आपकी कायल  हो , हर  पल  आपका  साथी  हो।

                           

                                                                                                                

                                                                                                             

 




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मुनमुन

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इस  दर्द को  कैसे बयां  करें

इस  पल  को  हम  कैसे  जुदा  करें |

ये  शाम , जाम  और  अलंकार , ये  साज , राग  की  है  पुकार

तेरे  अफसानों  में मिला  करें , और  दुआओ  में  हम  जिया  करें ||

 

जब  आये  इन  गलियारों  में , नए  रंगों में  नई  राहों पे |

ख़ुदग़र्ज़ियों से  लिपटे  थे  और  रैगिंग  से  कुछ  सहमे  थे ||

 

पहली  तिमाही   के  मिलनसार  में  आँखे  बादल  बन  जाती  थी |

है   दिल में  कौन,  सांसो  में  कौन , सब  राज़  बाहर  आ  जाते  थे ||

 

अपनों  जैसा  यहाँ  प्यार  मिला,  मंज़िल  को  नया  आकार  मिला |

आपके  साये  में  रह  कर  मेरे  सपनो  का  विस्तार  हुआ ||

एक  दर्द  मिला  नई  उमंग  मिली सब  खुशिओं   का  साथ  मिला |

रग -रग  में  एक  तरंग  उठी  और  मानवता  का  आभास  हुआ  ||

 

कुछ  दर्द  भरी  कुछ  प्यार  भरी  ये  यादें    भांति  है |

कभी  मुस्कान  दे जाती  है  कभी अश्रु  की  धारा लाती  है ||

 

कलम  रुक  गयी  चलते -चलते ,  बीते   लम्हों  के ख्यालो  में |

उत्साह  मिला  कदम  निकल  पड़े  ढूंढने आपको  आशियाने  में ||

 

अब  आने  वाले  दिनों  में,  बस  रब  से  दुआ   हमारी  है

हर  राह  आपकी कायल  हो , हर  पल  आपका  साथी  हो।

                           

                                                                                                                

                                                                                                             

 




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