Message from a senior to all his juniors

Message from a senior to all his juniors




By : Saumya Chauhan
Review By : Utsav Srivastav


न दोस्तों के करम रहेंगे न दुश्मनो के सितम रहेंगें |

फ़ना के नज़दीक है यहाँ सब, न हम रहेंगे ना तुम रहोगे ||

मुझे यकीं हे मेरी शरारत ने सबको मेरा बना लिया है |

सुकून से तुम भी ना जी सकोगे  अगर मेरे दिल मे गम रहेंगे ||

बहुत ही प्यारा था साथ अपना, ना छोड़ना मेरा हाथ वरना |

तुम्हारी आखें भी नाम रहेंगी, ह्मारे दिल मे भी गम रहेंगे ||

अभी तुम्हारा है बोलबाला, अभी तो सब जान देंगे तुमपर |

मुसीबतो मे पुकार लेना, तुम्हारे नज़दीक हम रहेंगे ||

 

 




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